हनुमान
Bajrangbali, Pawanputra, Maruti, Kesari Nandan, Sankat Mochan
परिचय
भगवान हनुमान भक्ति, शक्ति, साहस और निष्ठा के परम आदर्श हैं। वे वायुदेव (पवन) के पुत्र हैं, इसलिए पवनपुत्र कहलाते हैं। उनकी माता अंजना और पिता केसरी हैं। वे भगवान राम के सबसे प्रिय और विश्वासपात्र भक्त हैं।
हनुमान को चिरंजीवी (अमर) माना जाता है। उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधि प्राप्त हैं। रामायण में उनकी भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है — लंका दहन से लेकर संजीवनी बूटी लाने तक, उन्होंने राम के हर कार्य में अपनी अद्वितीय भक्ति का प्रमाण दिया।
स्वरूप और प्रतीक
हनुमान वानर स्वरूप में हैं — बलिष्ठ शरीर, लम्बी पूँछ, वज्र के समान देह (बजरंगबली)। वे एक हाथ में गदा धारण करते हैं और दूसरे हाथ से आशीर्वाद देते हैं। कभी-कभी उन्हें संजीवनी पर्वत उठाए हुए दर्शाया जाता है। उनके वक्ष पर राम-सीता का चित्र अंकित है — कहा जाता है कि उन्होंने अपनी छाती चीरकर दिखाया कि राम-सीता उनके हृदय में विराजमान हैं। उनका शरीर सिन्दूर से रंजित है।
पौराणिक कथाएँ
सूर्य को फल समझना: बाल हनुमान ने उगते सूर्य को फल समझकर उसे खाने के लिए उड़ान भरी। इन्द्र ने वज्र से प्रहार किया जिससे उनकी ठुड्डी (हनु) पर चोट आई, इसीलिए उनका नाम हनुमान पड़ा।
लंका दहन: सीता की खोज में हनुमान ने समुद्र पार कर लंका पहुँचे। रावण की सभा में पकड़े जाने पर उनकी पूँछ में आग लगा दी गई, जिससे हनुमान ने सम्पूर्ण लंका नगरी जला दी।
संजीवनी बूटी: युद्ध में लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान हिमालय गए, परन्तु संजीवनी बूटी की पहचान न कर पाने पर उन्होंने पूरा द्रोणागिरि पर्वत ही उठाकर ले आए।
प्रमुख मंदिर
- संकट मोचन हनुमान मंदिर, वाराणसी — तुलसीदास द्वारा स्थापित, अत्यन्त प्रसिद्ध
- हनुमानगढ़ी, अयोध्या — अयोध्या का प्रमुख हनुमान मंदिर
- मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान — चमत्कारी मंदिर के रूप में विख्यात
- श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, रामेश्वरम — पंचमुखी हनुमान का दुर्लभ स्वरूप
प्रमुख त्योहार
हनुमान जयन्ती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की विशेष पूजा होती है। मंगलवार को हनुमान मंदिरों में विशेष भीड़ होती है और भक्त सिन्दूर और चोला चढ़ाते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ सबसे लोकप्रिय दैनिक प्रार्थना है।
संबंधित मंत्र और स्तोत्र
- हनुमान बीज मंत्र: “ॐ हं हनुमते नमः”
- हनुमान चालीसा: तुलसीदास रचित, सर्वाधिक पठित स्तोत्र
- बजरंग बाण: अत्यन्त शक्तिशाली रक्षात्मक स्तोत्र
- हनुमान अष्टक: आठ छन्दों में हनुमान स्तुति